रांची
झारखंड में कई रेल परियोजनाएं अधर में लटकी हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने संसद में इसकी वजह बताई। दरअसल रांची सासंद संजय सेठ ने लोकसभा में ये सवाल उठाया था कि झारखंड में कई स्थानों पर रेल परियोजनाओं पर काम नहीं हो रहा है। साथ ही सासंद ने रांची और हटिया रेलवे स्टेशन से प्राप्त होने वाले राजस्व की जानकारी भी रेल मंत्री से मांगी थी। रेल मंत्री आज लोकसभा में सांसद के इन्हीं सवालों के जवाब दे रहे थे। रेल मंत्री ने कहा कि रेल परियोजनाओं के मामले में झारखंड सरकार की ओऱ से सकारात्म पहल नहीं होने के कारण कई रेल परियोजनाएं अधर में लटकी हुई हैं।

ये रेल परियोजानाएं हैं अधर में
सांसद संजय सेठ ने लोकसभा में पूछा था कि रांची में रेलवे के द्वारा कितने स्थान पर अंडरपास या पुलों का निर्माण किया जाना है। उनकी संख्या क्या है। सांसद ने उन परियोजनाओं की भी जानकारी मांगी थी, जो झारखंड सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण पूरी नहीं हो रही हैं। जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि रांची लोकसभा क्षेत्र में 6 ओवरब्रिज का निर्माण होना है। इसमें तीन रोड ओवरब्रिज हैं। इसके अलावा 12 अंडर पास का भी निर्माण होना है। बताया कि रांची में चुटिया पावर हाउस के पास, नामकुम रांची स्टेशन के बीच ओवरब्रिज का निर्माण होना है। लेकिन राज्य सरकार के द्वारा इसे अब तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है। इसी तरह रांची पिस्का के पास नयासराय में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना में रेलवे ने अपने हिस्से का काम कर लिया है। बाकी का काम राज्य सरकार को करना है, जो कि नहीं हो रहा है।

रांची और हटिया रेलवे स्टेशन से मिलता है इतना राजस्व
रेल मंत्री ने बताया कि रांची के ही मेकॉन कॉलोनी में अंडर ब्रिज का निर्माण पूरा हो गया है। इसका शेष कार्य राज्य सरकार को करना है। इसमें भी देरी हो रही है। मंत्री के अनुसार मुरी जंक्शन के समीप बाईपास रेल लाइन का निर्माण होना है। इसके लिए स्थान निर्धारण और सर्वेक्षण का काम पूरा हो गया है। परियोजना का डीपीआर भी तैयार हो चुका है। रेल मंत्री ने सदन में बताया कि पिछले एक साल के दौरान रांची स्टेशन से रेलवे को 45 करोड़ 25 लाख और हटिया रेलवे से 30 करोड़ 64 लाख के राजस्व की प्राप्ति हुई है। यह राजस्व यात्री सेवा और माल ढुलाई सहित कई अन्य कार्यों से प्राप्त हुआ है।
